Vaivasvata-Manu Sarga and the Re-Manifestation of the Saptarṣis (वैवस्वतसर्गः—सप्तर्षिप्रादुर्भावः)
जमनाद्वैष्मवस्याग्नेर्जमदग्निरजायत / रेणुकाजमदग्नेश्च शक्रतुल्यपराक्रमम्
jamanādvaiṣmavasyāgnerjamadagnirajāyata / reṇukājamadagneśca śakratulyaparākramam
वैष्णव अग्नि के ‘जमन’ से जमदग्नि उत्पन्न हुए; और रेणुका से जमदग्नि के यहाँ शक्र-तुल्य पराक्रम वाला पुत्र उत्पन्न हुआ।