Vaivasvata-Manu Sarga and the Re-Manifestation of the Saptarṣis (वैवस्वतसर्गः—सप्तर्षिप्रादुर्भावः)
उत्पन्ना महता चैव तपसा भावितात्मनः / बृहस्पतिं सुरूपायां गौतमं सुषुवे स्वराट्
utpannā mahatā caiva tapasā bhāvitātmanaḥ / bṛhaspatiṃ surūpāyāṃ gautamaṃ suṣuve svarāṭ
महान तप से भावित आत्मा वाले स्वराट से वे उत्पन्न हुईं। सुरूपा के गर्भ से बृहस्पति और गौतम का जन्म हुआ।