बुद्ध्या प्रकृतिर् अव्यक्तं तत्त्वानां परमेश्वरः विद्या ज्ञेया नरश्रेष्ठ विधिश् च परमः स्मृतः //
सप्तम श्लोक—यहाँ ‘७’ से सूचित वचन श्रवण करने से पुण्य उत्पन्न करता है।