तदैषो ऽव्यथताम् एति न च मिश्रत्वम् आव्रजेत् प्रकृत्या चैष राजेन्द्र मिश्रो ऽन्यो ऽन्यस्य दृश्यते //
यहाँ इक्कीसवें श्लोक का संकेत है; मूल श्लोक अनुपलब्ध होने से केवल क्रमांक प्रदर्शित है।