तैश् चैव कुरुते कार्यं मनःषष्ठैर् इहेन्द्रियैः सुदान्तैर् इव संयन्ता दृढः परमवाजिभिः //
यह श्लोक ब्रह्मपुराण (आदि पुराण) के अध्याय 237 का 22वाँ पद है; इसका मूल पाठ यहाँ नहीं दिखता।