सचेतनं जीवगुणं वदन्ति स चेष्टते जीवगुणं च सर्वम् ततः परं क्षेत्रविदो वदन्ति प्रकल्पयन्तो भुवनानि सप्त
यह श्लोक ब्रह्मपुराण (आदि पुराण) के अध्याय 237 का 20वाँ पद है; मूल संस्कृत-पाठ यहाँ उपलब्ध नहीं है।