सकृद् उच्चारिते वाक्ये समुद्भूतमहाश्रमः श्वासकासामयायाससमुद्भूतप्रजागरः //
234.32 का मूल श्लोक उपलब्ध नहीं; इसलिए भावानुवाद भी संभव नहीं। कृपया श्लोक-पाठ दें।