अधोमुखस् तैः क्रियते प्रबलैः सूतिमारुतैः क्लेशैर् निष्क्रान्तिम् आप्नोति जठरान् मातुर् आतुरः //
इस श्लोक का मूल संस्कृत-पाठ उपलब्ध नहीं है; इसलिए यथार्थ अनुवाद संभव नहीं। कृपया श्लोक का पाठ दें।