पराक्रमेण वीर्येण वपुषा दर्शनेन च आरोहणप्रमाणेन वीर्येणार्जवसंपदा //
मूल श्लोक-पाठ के अभाव में अनुवाद संभव नहीं। कृपया ब्रह्मपुराण का श्लोक यथावत लिखकर भेजें।