आत्मनो व्यापिनो ज्ञानं ज्ञानम् एतद् अनुत्तमम् तद् एतद् उपशान्तेन दान्तेनाध्यात्मशीलिना //
इस अध्याय का अड़तीसवाँ श्लोक शांति और सुख प्रदान करने वाला है।