बुध्यमानो भवत्य् एष ममात्मक इति श्रुतः अन्योन्यप्रतिबुद्धेन वदन्त्य् अव्यक्तम् अच्युतम् //
छठा श्लोक। यहाँ पुराण-वचन को प्रमाण माना गया है और उसके अनुसार आचरण का विधान है।