एतावन् मोक्ष इत्य् उक्तो ज्ञानविज्ञानसंज्ञितः पञ्चविंशतिकस्याशु यो ऽयं देहे प्रवर्तते //
अध्याय 245 का पच्चीसवाँ श्लोक—यहाँ मूल पाठ का संकेत मात्र दिया गया है।