अक्षेत्रं क्षेत्रम् आत्मानम् असङ्गं सङ्गम् आत्मनः अतत्त्वं तत्त्वम् आत्मानम् अभवं भवम् आत्मनः //
इक्यावनवाँ श्लोक (51) — मूल श्लोक-पाठ यहाँ अनुपलब्ध है; इसलिए केवल श्लोक-संख्या प्रदर्शित है।