शून्यमूलास्वामिसंहतयोः शून्यमूलं कृतपौरजानपदारक्षं सर्वसंदोहेन युध्येत नास्वामिसंहतं राजसेनापतिहीनम् ॥ कZ_०८.५.१७ ॥
śūnyamūlāsvāmisaṃhatayoḥ śūnyamūlaṃ kṛtapaurajānapadārakṣaṃ sarvasaṃdohena yudhyeta nāsvāmisaṃhataṃ rājasenāpatihīnam
मूलहीन राज्य और स्वामी-विहीन किंतु सघन (संहत) राज्य में, नगर और जनपद की रक्षा सुनिश्चित करके तथा समस्त बल एकत्र कर, मूलहीन राज्य से युद्ध करना चाहिए। परंतु राजा और सेनापति से रहित स्वामी-विहीन संहत बल/राज्य से युद्ध नहीं करना चाहिए।
Secure internal order—protect the urban center and countryside—so war does not create openings for revolt, crime, or enemy agents.