अन्तपालवैदेहकयोरन्तपालश्चोरप्रसर्गदेयात्यादानाभ्यां वणिक्पथं पीडयति वैदेहकास्तु पण्यप्रतिपण्यानुग्रहैः प्रसाधयन्ति इत्याचार्याः ॥ कZ_०८.४.३४ ॥
antapālavaidehakayor antapālaś coraprasargadeyātyādānābhyāṃ vaṇikpathaṃ pīḍayati vaidehakāstu paṇyapratipaṇyānugrahaiḥ prasādhayanti ityācāryāḥ
अंतपाल और वैदेहक के बीच—अंतपाल चोरों को छोड़कर और अवैध वसूली करके व्यापारियों के मार्ग को पीड़ित करता है; पर वैदेहक माल और प्रतिमाल (क्विड-प्रो-क्वो) के रूप में उपकार करके काम साधते हैं—ऐसा आचार्यों का मत है।
They monetize insecurity: tolerating or unleashing theft and then extracting payments from traders.