सुभगाकुमारयोः कुमारः स्वयं वल्लभैश्च स्वयं ग्राहप्रणयपण्यागारकार्योपग्रहैः पीडयति सुभगा विलासोपभोगेन इत्याचार्याः ॥ कZ_०८.४.२४ ॥
subhagākumārayoḥ kumāraḥ svayaṃ vallabhaiś ca svayaṃ grāha-praṇaya-paṇyāgāra-kāryopagrahaiḥ pīḍayati; subhagā vilāsopabhogena iti ācāryāḥ
सुभगा (राजप्रिय) और कुमार में: कुमार स्वयं और अपने प्रियजनों द्वारा जब्ती, ‘कृपा-जन्य माँगों’, भंडार/बाज़ारों पर दबाव, तथा काम-सेवा हेतु जबरन उपग्रहों से दमन करता है; सुभगा भोग-विलास और उपभोग से हानि पहुँचाती है—ऐसा आचार्यों का मत है।
Two channels of court harm: direct coercive extraction (often by princes and their cliques) and fiscal drain through luxury consumption (often via favored consorts).