लवणाध्यक्षः पाकमुक्तं लवणभागं प्रक्रयं च यथाकालं संगृह्णीयाद्विक्रयाच्च मूल्यं रूपं व्याजीं च ॥ कZ_०२.१२.२८ ॥
lavaṇādhyakṣaḥ pāka-muktaṃ lavaṇa-bhāgaṃ prakrayaṃ ca yathā-kālaṃ saṃgṛhṇīyāt vikrayāc ca mūlyaṃ rūpaṃ vyājīṃ ca
लवण अधीक्षक उचित समय पर प्रसंस्करण हेतु मुक्त किए गए नमक का भाग (राज्य-हिस्सा) और ‘प्रक्रय’ (अग्रिम/क्रय-मूल्य) वसूल करे; और बिक्री से मूल्य के साथ ‘रूप’ शुल्क तथा ‘व्याजी’ उपकर भी वसूल करे।
It captures revenue at multiple control points—production/processing authorization and market sale—reducing leakage and stabilizing fiscal intake.