अर्जुनस्य सैन्धवाभिमुखगमनम् तथा विन्दानुविन्दयोर्वधः
Arjuna’s advance toward Saindhava and the fall of Vinda–Anuvinda
यद्यस्मिन्नहते पापे सूर्योडस्तमुपयास्यति । इहैव सम्प्रवेशहं ज्वलितं जातवेदसम्,अब आपलोग पुनः मेरी यह दूसरी प्रतिज्ञा भी सुन लें। यदि इस पापी जयद्रथके मारे जानेसे पहले ही सूर्यदेव अस्ताचलको पहुँच जायूँगे तो मैं यहीं प्रजजलित अग्निमें प्रवेश कर जाऊँगा
«Si, avant que ce pécheur ne soit abattu, le Soleil atteint le couchant, alors, ici même, j’entrerai dans le feu flamboyant.»
अजुन उवाच