निश्चक्राम ततस्तस्मात् पृष्टश्चाह महाबल: । वृत्तं प्रह्द मां विद्धि यतः सत्यं ततो हाहम्,सत्यके चले जानेपर प्रह्नादके शरीरसे दूसरा महापुरुष प्रकट हुआ। परिचय पूछनेपर उस महाबलीने उत्तर दिया--प्रह्नाद! मुझे सदाचार समझो। जहाँ सत्य होता है, वहीं मैं भी रहता हूँ
Then he went forth from there; and when questioned, that mighty one said: “Prahlāda, know me as Good Conduct (right practice). Wherever Truth is, there I too am.”
ब्राह्मण उवाच