अलंबलवधः (Alaṃbala-vadhaḥ) / The Slaying of Alaṃbala and the Advance toward Karṇa
भीष्म प्रमुखत: कृत्वा भगदत्तं च भारत । एवमेष क्षयो वृत्तों राजन् दुर्मन्त्रिते तव,भारत! इसी प्रकार सात्यकि और अर्जुनने भी भीष्म और भगदत्त आदि सैकड़ों शूरवीरोंका संहार कर डाला है। राजन्! इस प्रकार आपकी कुमन्त्रणाके फलस्वरूप यह विनाश-कार्य सम्पन्न हुआ है
O Bharata, with Bhīṣma foremost, and Bhagadatta as well—O King, such has this destruction come to pass, born of your ill counsel.
संजय उवाच