दावाग्निना समायुक्ते स च राजा पिता तव । संजयस्तु महामात्रस्तस्माद् दावादमुच्यत,इसके बाद महाभागा गान्धारी, तुम्हारी माता कुन्ती तथा तुम्हारे ताऊ राजा धृतराष्ट्र-- ये तीनों ही दावाग्निमें जलकर भस्म हो गये; परंतु महामात्य संजय उस दावाग्निसे जीवित बच गये हैं
When the forest fire raged, that king—your elder—was caught up in its flames; but Sañjaya, the great minister, was delivered from that conflagration.
नारद उवाच