आदि पर्व — द्रौपदी-स्वयंवरानन्तरवृत्तम्
Aftermath of Draupadī’s Svayaṃvara
एते चान्ये च बहवो धार्तराष्ट्रा महाबला: । कर्णेन सहिता वीरास्त्वदर्थ समुपागता:,धृष्ट्युम्नने कहा--बहिन! यह देखो--दुर्योधन, दुर्विषह, दुर्मुख, दुष्प्रधर्षण, विविंशति, विकर्ण, सह, दुःशासन, युयुत्सु, वायुवेग, भीमवेगरव, उग्रायुध, बलाकी, करकायु, विरोचन, कुण्डक, चित्रसेन, सुवर्चा, कनकध्वज, ननन््दक, बाहुशाली, तुहुण्ड तथा विकट--ये और दूसरे भी बहुत-से महाबली धूृतराष्ट्रपुत्र जो सब-के-सब वीर हैं, तुम्हें प्राप्त करनेके लिये कर्णके साथ यहाँ पधारे हैं
ete cānye ca bahavo dhārtarāṣṭrā mahābalāḥ | karṇena sahitā vīrās tvad-arthaṃ samupāgatāḥ ||
Dhṛṣṭadyumna said: “Here are many other mighty sons of Dhṛtarāṣṭra as well—heroes who have arrived here together with Karṇa, coming for your sake.”
धृष्टह्युम्न उवाच