Samrāt-Lakṣaṇa and the Counsel to Check Jarāsandha (सम्राट्-लक्षणं जरासन्ध-प्रतिबाधा-परामर्शः)
वड़पुण्ड्रकिरातेषु राजा बलसमन्वित: । पौण्ड्को वासुदेवेति योडसौ लोकेडभिविश्रुत:,जिसे मैंने पहले मारा नहीं, उपेक्षावश छोड़ रखा है, जिसकी बुद्धि बड़ी खोटी है, जो चेदिदेशमें पुरुषोत्तम समझा जाता है, इस जगत्में जो अपने-आपको पुरुषोतम ही कहकर बताया करता है और मोहवश सदा मेरे शंख-चक्र आदि चिह्लोंको धारण करता है; वंग, पुण्ड्र तथा किरातदेशका जो राजा है तथा लोकमें वासुदेवके नामसे जिसकी प्रसिद्धि हो रही है, वह बलवान राजा पौण्ड्रक भी जरासंधसे ही मिला हुआ है
vaṅga-puṇḍra-kirāteṣu rājā balasamanvitaḥ | pauṇḍrako vāsudeveti yo 'sau loke 'bhiviśrutaḥ ||
In den Ländern Vaṅga, Puṇḍra und bei den Kirātas gibt es einen König von großer Stärke—Pauṇḍraka—der in der Welt weithin unter dem Namen „Vāsudeva“ berühmt ist.
श्रीकृष्ण उवाच