उद्योगपर्व — धृतराष्ट्रस्य दुर्योधनप्रति शक्तिस्मारक-उपदेशः
Udyoga Parva 63: Dhṛtarāṣṭra’s Counsel Reminding Duryodhana of Opponent Strength
ये सम काले सुमनस: सर्वे वृद्धानुपासते । सिंहगुप्तमिवारण्यमप्रधृष्या भवन्ति ते,जो शुद्ध हृदयवाले मनुष्य समय-समयपर बड़े-बूढ़ोंकी सेवा एवं संग करते रहते हैं, वे सिंहसे सुरक्षित वनके समान दूसरोंके लिये दुर्धर्ष हो जाते हैं (शत्रु उनके पास आनेका साहस नहीं करते हैं)
যারা শুভমনা, শুদ্ধহৃদয় মানুষ সময়ে সময়ে বৃদ্ধদের সেবা ও সান্নিধ্য করে, তারা সিংহ-রক্ষিত অরণ্যের মতোই অপ্রধর্ষ্য হয়ে ওঠে।
विदुर उवाच