Udyoga Parva Adhyaya 62 — Duryodhana’s Claim of Victory and Vidura’s Allegories on Discord and Risk
बल, पराक्रम, समवयस्कता, प्रतिभा और शास्त्रज्ञान--इन सभी दृष्टियोंसे हमलोग और पाण्डव समान ही हैं ।। अस्त्रेण योधयुग्या च शीघ्रत्वे कौशले तथा । सर्वे सम समजातीया: सर्वे मानुषयोनय:,अस्त्र-बल, योद्धाओंके संग्रह, हाथोंकी फुर्ती तथा युद्धकौशलमें भी हम और वे एक-से ही हैं, सभी समान जातिके हैं और सब-के-सब मनुष्ययोनिमें ही उत्पन्न हुए हैं
astreṇa yodhayogyā ca śīghratve kauśale tathā | sarve sama-samajātīyāḥ sarve mānuṣa-yonayaḥ ||
অস্ত্রবিদ্যা, যোদ্ধা সমাবেশ, হাতের দ্রুততা ও যুদ্ধকৌশলে আমরা এবং তারাও এক। আমরা সকলেই সমজাতীয়, এবং সকলেই মানবযোনিতে জন্মেছি।
दुर्योधन उवाच