Udyoga Parva Adhyaya 62 — Duryodhana’s Claim of Victory and Vidura’s Allegories on Discord and Risk
आश्रमेषु चतुर्ष्वाहुर्दममेवोत्तमं व्रतम् । तस्य लिड़ूं प्रवक्ष्यामि येषां समुदयो दम:,चारों आश्रमोंमें दमको ही उत्तम व्रत बताया गया है। यह दम जिन पुरुषोंके अभ्यासमें आकर उनके अभ्युदयका कारण बन जाता है, उनमें प्रकट होनेवाले चिह्लोंका मैं वर्णन करता हूँ
চার আশ্রমেই দম (আত্মসংযম)কেই সর্বোত্তম ব্রত বলা হয়েছে। যাদের মধ্যে দমের উদয় হয়, তাদের মধ্যে যে লক্ষণগুলি প্রকাশ পায়, তা আমি বলছি।
विदुर उवाच