जानता हि नरेन्द्रेण ख्यापनार्थ परस्य वै | प्रकाशं चोदिता देवी प्रत्युवाच महीपतिम्,यद्यपि राजा द्रुपद सब कुछ जानते थे तो भी दूसरे लोगोंमें अपनी निर्दोषता सिद्ध करनेके लिये महारानीसे स्पष्ट शब्दोंमें पूछा। उनके प्रश्न करनेपर रानीने राजाको इस प्रकार उत्तर दिया
যদিও নরেন্দ্র সবই জানতেন, তবু অন্যদের কাছে নিজের নির্দোষতা প্রকাশ করার জন্য তিনি মহারানীকে স্পষ্ট ভাষায় প্রশ্ন করলেন। প্রশ্নে প্ররোচিত হয়ে রাণী রাজাকে এইভাবে উত্তর দিলেন—
भीष्म उवाच