अम्बा–राम–भीष्म संवादः
Amba–Rama–Bhishma Dialogue on Vow and Refuge
हनिष्यामि सहामात्यं॑ त्वामद्येति पुन: पुन: । तब यह सुनकर परशुरामजीके नेत्रोंमें क्रोधका भाव व्याप्त हो गया और वे मुझसे इस प्रकार बोले--“नरश्रेष्ठ! तुम यदि मेरी यह बात नहीं मानोगे तो आज मैं मन्त्रियोंसहित तुम्हें मार डालूगा।” इस बातको उन्होंने बार-बार दुहराया
এ কথা শুনে পরশুরামের চোখে ক্রোধ ছেয়ে গেল। তিনি আমাকে বারবার বললেন—“নরশ্রেষ্ঠ! তুমি যদি আমার কথা না মানো, তবে আজই আমি তোমাকে মন্ত্রীদেরসহ হত্যা করব।” এই কথাই তিনি পুনঃপুন উচ্চারণ করলেন।
राम उवाच