Udyoga Parva, Adhyāya 148: Vāsudeva’s Report—Mobilization and the Nīti Sequence
Sāma–Bheda–Daṇḍa
प्रयच्छ राज्यार्धमपेतमोह: सवाहनं त्वं सपरिच्छदं च । ततो5वशेषं तव जीवितस्य सहानुजस्यैव भवेन्नरेन्द्र,नरेन्द्र! तू मोह छोड़कर वाहनों और अन्यान्य सामग्रियोंसहित (कम-से-कम) आधा राज्य पाण्डवों-को दे दे। तभी अपने छोटे भाइयोंके साथ तेरा जीवन बचा रह सकता है
হে নরেন্দ্র, মোহ ত্যাগ করে বাহন ও সমুদয় সামগ্রীসহ অর্ধেক রাজ্য পাণ্ডবদের দাও। তবেই তোমার অনুজদের সঙ্গে তোমার জীবনের অবশিষ্ট অংশ রক্ষা পাবে।
वायुदेव उवाच