Ākiṃcanya–Tyāga Upadeśa
The Instruction on Non-ownership and Renunciation
स कथंचिद् भयात् तस्माद् विमुक्तो ब्राह्मणस्तथा । कांदिग्भूतो जीवितार्थी प्रदुद्रावोत्तरां दिशम्,गौतम ब्राह्मण किसी तरह उस भयसे छूट तो गया; परंतु उस घबराहटमें वह यह निर्णय न कर सका कि मुझे किस दिशामें जाना है? अपने प्राण बचानेके लिये वह उत्तर दिशाकी ओर भाग चला
সেই ব্রাহ্মণ কোনো মতে সেই ভয় থেকে মুক্ত হলেন; কিন্তু আতঙ্কে দিশাহারা হয়ে পড়লেন। প্রাণরক্ষার তাগিদে তিনি উত্তর দিকের দিকে দৌড়ে পালালেন।
भीष्म उवाच