Chapter 23: Śakuni Reports, Kaurava Advance, and Arjuna’s Penetration of the Host
केचित् पदातय: पद्धिर्मुष्टिभिश्व परस्परम् । निजघ्नु: समरे शूरा: क्षीणशस्त्रास्ततो5पतन्,कुछ शूरवीर पैदल योद्धा समरांगणमें पैदलोंके साथ भिड़ गये और अस्त्र-शस्त्रोंके क्षीण हो जानेपर एक-दूसरेको मुक्कोंसे मारने लगे। इस प्रकार लड़ते-लड़ते वे पृथ्वीपर गिर पड़े
কিছু বীর পদাতিক যোদ্ধা সমরে পদাতিকদের সঙ্গেই জড়িয়ে পড়ল; অস্ত্র ক্ষয় হলে তারা পরস্পরকে মুষ্টিঘাতে আঘাত করতে লাগল, আর লড়তে লড়তে মাটিতে লুটিয়ে পড়ল।
संजय उवाच