मायासभायां दुर्योधनस्य अवमान-प्रसङ्गः
Duryodhana’s Humiliation in the Hall of Māyā
तद् दृष्टवा व्यथिता त्रस्ता वरं कृष्णमयाचत । ददस्व मे वरं कृष्ण भयारताया महाभुज,यह देखकर बालककी माता भयभीत हो मन-ही-मन व्यथित हो गयी और श्रीकृष्णसे वर माँगती हुई बोली--“महाबाहु श्रीकृष्ण! मैं भयसे व्याकुल हो रही हूँ। मुझे इस पुत्रकी जीवनरक्षाके लिये कोई वर दो
এ দৃশ্য দেখে শিশুর জননী ভয়ে কাঁপতে কাঁপতে অন্তরে ব্যথিত হয়ে কৃষ্ণের কাছে বর প্রার্থনা করে বলল—“মহাবাহু শ্রীকৃষ্ণ! আমি ভয়ে ব্যাকুল; এই পুত্রের প্রাণরক্ষার জন্য আমাকে একটি বর দিন।”
भीष्म उवाच