Jarāsandha–Bhīma Niyuddha-prastāvaḥ
Commencement of the Regulated Duel
अर्बुदः शक्रवापी च पन्नगौ शत्रुतापनौ । स्वस्तिकस्यालयश्नात्र मणिनागस्य चोत्तम:,यहाँ अर्बुद और शक्रवापी नामवाले दो नाग रहते हैं, जो अपने शत्रुओंको संतप्त करनेवाले हैं। यहीं स्वस्तिक नाग और मणि नागके भी उत्तम भवन हैं
arbudaḥ śakravāpī ca pannagau śatrutāpanau | svastikasyālayaś ca atra maṇināgasya cottamaḥ ||
বায়ু বললেন—এখানে অর্বুদ ও শক্রবাপী নামে দুই নাগরাজ বাস করেন, যারা শত্রুদের দগ্ধ করে। এখানেই স্বস্তিক নাগ ও মণিনাগেরও উৎকৃষ্ট নিবাস রয়েছে।
वायुदेव उवाच