धृतराष्ट्रस्य मूर्च्छा तथा द्रोणविषयकप्रश्नाः
Dhṛtarāṣṭra’s Fainting and Questions Concerning Droṇa
स सत्यसंध: सुकृती श्रीकामैर्निहत: कथम् । जगतके सम्पूर्ण धनुर्धर जिनके शिक्षणरूपी कर्मका आश्रय लेकर जीवन-निर्वाह करते हैं, उन सत्यप्रतिज्ञ पुण्यात्मा द्रोणाचार्यको राजलक्ष्मीके लोभियोंने कैसे मार डाला? ।। ३२ ई || दिवि शक्र इव श्रेष्ठोी महासत्त्वो महाबल:
ধৃতরাষ্ট্র বললেন—সত্যপ্রতিজ্ঞ, পুণ্যবান সেই দ্রোণাচার্য রাজলক্ষ্মীর লোভীদের হাতে কীভাবে নিহত হলেন?
धृतराष्ट उवाच