Previous Verse
Next Verse

Shloka 35

भीष्मस्य भीमसेन-निरोधः

Bhīṣma checks Bhīmasena; matched engagements intensify

भीष्म उवाच शृणु राजन्‌ वचो महां यथा वक्ष्यामि कौरव । बहुशश्न मयोक्तोडसि न च मे तत्‌ त्वया कृतम्‌,भीष्मजीने कहा--कुरुनन्दन! नरेश्वर! मेरी बात सुनो। इस विषयमें जो यथार्थ बात है, उसे बताता हूँ। मैंने अनेक बार पहले भी तुमसे ये बातें कही हैं, परंतु तुमने उन्हें माना नहीं है

ভীষ্ম বললেন—হে রাজন, হে কৌরব! আমার কথা শোনো; আমি যেমন বলব তেমনই গ্রহণ করো। এ কথা আমি তোমাকে বহুবার বলেছি, কিন্তু তুমি তা মানোনি।

भीष्म उवाच