धृतराष्ट्रोपदेशः
Dhṛtarāṣṭra’s Instruction on Rājadharma and Bala
आनयित्वा कुरुश्रेष्ठो ब्राह्मुणे भ्य: प्रयच्छतु । “ब्राह्मणोंको माफी जमीन दीजिये और पुत्रोंका श्राद्ध कीजिये।” युधिष्ठिरने यह भी कहा है कि “महाराज धृतराष्ट्र मेरे यहाँसे नाना प्रकारके रत्न
“কুরুশ্রেষ্ঠ মহারাজ ধৃতরাষ্ট্র আমার গৃহ থেকে আনিয়ে ব্রাহ্মণদের ভূমি দান করুন এবং পুত্রদের শ্রাদ্ধ বিধিপূর্বক সম্পন্ন করুন। আরও নানা প্রকার রত্ন, গাভী, দাস-দাসী এবং ভেড়া-ছাগল প্রভৃতি আনিয়ে ব্রাহ্মণদের দান করুন।”
वैशम्पायन उवाच