दानफलप्रकरणम् — उपानहदानं, तिलदानं, भूमिदानं, गोदानं, अन्नदानं च
Gifts and Their Stated Results: Footwear, Sesame, Land, Cows, and Food
नृत्यगीतपरा नार्यो दिव्यमाल्यविभूषिता: । उपतिष्ठ न्ति देवेन्द्र तथा भूमिप्रदं दिवि,देवेन्द्र! दिव्य मालाओंसे विभूषित हो नाच और गानमें लगी हुई देवांगनाएँ स्वर्गमें भूमिदाताकी सेवामें उपस्थित होती हैं
nṛtyagītaparā nāryo divyamālyavibhūṣitāḥ | upatiṣṭhanti devendra tathā bhūmipradaṃ divi ||
দেবেন্দ্র! দিব্য মালায় ভূষিতা, নৃত্য ও গীতে নিমগ্ন অপ্সরাগণ স্বর্গে ভূমিদাতার সেবায় উপস্থিত থাকে।
भीष्म उवाच