Brāhmaṇa-pūjā and Namaskāra: Criteria of Reverence and Non-Offense (ब्राह्मणपूजा-नमस्कारविधिः)
हमारे-जैसे जो भी निशाचर अपनी मौजसे सम्पूर्ण लोकोंमें विचरते हैं, वे उपर्युक्त घरोंको कोई हानि नहीं पहुँचा सकते; अतः प्रजानाथ! अपने घरोंमें इन रक्षोघ्न वस्तुओंको अवश्य रखना चाहिये। यह सब विषय, जिसमें आपलोगोंको महान् संदेह था, मैंने कह सुनाया ।।
আমাদের মতো যে-সব নিশাচর স্বেচ্ছায় সর্বলোক জুড়ে বিচরণ করে, তারা উপরোক্ত গৃহগুলির কোনো ক্ষতি করতে পারে না। অতএব প্রজানাথ! তোমার গৃহে এই রক্ষোঘ্ন বস্তুগুলি অবশ্যই রাখা উচিত। যে বিষয়ে তোমাদের মহা সন্দেহ ছিল, সে সবই আমি বলে শুনালাম॥
भीष्म उवाच