परिक्षिद्वृत्तान्तप्रश्नः
Inquiry into Parīkṣit’s Conduct and the Beginnings of His Downfall
अस्ति त्वेकोडद्य नस्तन्तुः सो5पि नास्ति यथा तथा । मन्दभाग्योडल्पभाग्यानां तप एकं समास्थित:,आजकल हमारी परम्परामें एक ही तन्तु या संतति शेष है, किंतु वह भी नहींके बराबर है। हम अल्पभाग्य हैं, इसीसे वह मन्दभाग्य संतति एकमात्र तपमें लगी हुई है
asti tv eko ’dya nas tantuḥ so ’pi nāsti yathā tathā | mandabhāgyo ’lpabhāgyānāṃ tapa ekaṃ samāsthitaḥ ||
আজ আমাদের মধ্যে বংশের মাত্র একটি তন্তু অবশিষ্ট আছে, তাও যেন নামমাত্র। আমরা অল্পভাগ্য; তাই সেই একমাত্র দুর্ভাগা অবশেষ কেবল তপস্যাতেই আশ্রয় নিয়েছে।
तक्षक उवाच