बृहच् चैवम् इदं शास्त्रम् इत्य् आहुर् विदुषो जनाः अस्मिंश् च शास्त्रे योगानां पुनर्भवपुरःसरम् //
ছেচল্লিশতম শ্লোক। এর পাঠে ধর্মবুদ্ধি প্রকাশ পায়—এমনই পরম্পরা।