ये वै भावेन वर्तन्ते सर्वेष्व् एतेषु ते त्रिषु अन्व् अर्थान् संप्रवर्तन्ते रथनेमिम् अरा इव //
এটি ব্রহ্মপুরাণের ছিয়াত্তরতম শ্লোক-স্থান; মূল শ্লোক এখানে অনুপস্থিত।