ततः शार्ङ्गविनिर्मुक्तैश् छित्त्वा तस्य शरैः शिरः काशिपुर्यां स चिक्षेप कुर्वंल् लोकस्य विस्मयम् //
এখানে কেবল ছাব্বিশ নম্বর দেখানো হয়েছে; মূল শ্লোক না থাকায় ভাবানুবাদ করা যায় না।