अथ देवी सती यत् ते प्राप्ते वैवस्वते ऽन्तरे मेनायां ताम् उमां देवीं जनयाम् आस शैलराट् //
এটি চতুর্দশ অধ্যায়ের একচল্লিশতম শ্লোক; মূল পাঠ এখানে দেওয়া নেই।