Bhīmasena’s Himalayan Hunt and Seizure by the Ajagara (भीमसेनस्य अजगरग्रहणम्)
युधिछ्िर उवाच दिष्ट्या धनंजयास्त्राणि त्वया प्राप्तानि भारत दिष्ट्या चाराधितो राजा देवानामीश्वर: प्रभु:,युधिष्ठिर बोले--धनंजय! बड़े सौभाग्यकी बात है कि तुमने दिव्यास्त्र प्राप्त कर लिये। भारत! यह भी भाग्यकी ही बात है कि तुमने देवताओंके स्वामी राजराजेश्वर इन्द्रको आराधनाद्दारा प्रसन्न कर लिया। निष्पाप परंतप! सबसे बड़ी सौभाग्यकी बात तो यह है कि तुमने देवी पार्वतीके साथ साक्षात् भगवान् शंकरका दर्शन किया और उन्हें अपनी युद्धकलासे संतुष्ट कर लिया
yudhiṣṭhira uvāca | diṣṭyā dhanañjayāstrāṇi tvayā prāptāni bhārata | diṣṭyā cārādhito rājā devānām īśvaraḥ prabhuḥ |
যুধিষ্ঠিৰে ক’লে—ধনঞ্জয়! তুমি দিব্যাস্ত্ৰ লাভ কৰিলা, ই মহাসৌভাগ্য। হে ভাৰত! আৰাধনাৰ দ্বাৰা দেৱসকলৰ স্বামী প্ৰভু ইন্দ্ৰক তুমি প্ৰসন্ন কৰিলা, ইও সৌভাগ্য।
युधिछ्िर उवाच