Yājñavalkya on the Unity of Sāṃkhya and Yoga and the Marks of Meditative Composure
अपन क्रात बछ। अर: - किसी-किसी टीकाकारने 'सिध्मा' का अर्थ 'खाँसी' और “दमा” भी किया है। परंतु कोष-प्रसिद्ध अर्थ 'सफेद दाग या सेहुँँवा' ही है। चतुर्राधिकत्रिशततमो< ध्याय: प्रकृतिके संसर्गदोषसे जीवका पतन वसिष्ठ उवाच एवमप्रतिबुद्धत्वादबुद्धजनसेवनात् । सर्गकोटि सहस्राणि पतनान्तानि गच्छति,वसिष्ठजी कहते हैं--राजन्! इस तरह अज्ञानके कारण अज्ञानी पुरुषोंका संग करनेसे जीवका निरन्तर पतन होता है तथा उसे हजारों-करोड़ बार जन्म लेने पड़ते हैं
Vasiṣṭha uvāca: evam apratibuddhatvād abuddhajana-sevanāt | sarga-koṭi-sahasrāṇi patanāntāni gacchati ||
বসিষ্ঠ ক’লে— হে ৰাজন! এইদৰে সত্যবিবেকত অজাগ্ৰত হৈ থকা আৰু অজ্ঞ লোকৰ সঙ্গ কৰাৰ ফলত জীৱৰ নিৰন্তৰ পতন ঘটে; সি হাজাৰ হাজাৰ কোটি সৃষ্টিচক্ৰৰ মাজেৰে পুনঃপুনঃ জন্ম লয়—প্ৰতিবাৰ পতনৰ অন্তলৈ গৈ।
वसिष्ठ उवाच