अर्जुनस्य तीर्थयात्रा तथा मणलूर-सम्बन्धः
Arjuna’s Pilgrimage and the Maṇalūra Alliance
सुन्दोपसुन्दौ हि पुरा भ्रातरौ सहितावुभौ । आस्तामवध्यावन्येषां त्रिषु लोकेषु विश्रुती,पहलेकी बात है, सुन्दर और उपसुन्द नामक दो असुर भाई-भाई थे। वे सदा साथ रहते थे एवं दूसरेके लिये अवध्य थे (केवल आपसमें ही लड़कर वे मर सकते थे)। उनकी तीनों लोकोंमें बड़ी ख्याति थी
পুৰণি কালত সুন্দ আৰু উপসুন্দ নামৰ দুজন অসুৰ সহোদৰ ভাই আছিল। তেওঁলোকে সদায় একেলগে থাকিছিল আৰু আন কাৰো বাবে অবধ্য আছিল; তিনিও লোকত তেওঁলোকৰ মহাখ্যাতি আছিল।
नारद उवाच