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Shloka 28

भण्डासुरवधोत्तरकृत्य-देवस्तुति

Aftermath of Bhaṇḍāsura’s Slaying and the Gods’ Hymn to Lalitā

बिन्दुस्थिते बिन्दुकलैकरूपे बिन्द्वात्मिके बृंहितचित्प्रकाशे / बृहत्कुचंभोजविलोलहारे बृहत्प्रभावे ललिते नमस्ते

bindusthite bindukalaikarūpe bindvātmike bṛṃhitacitprakāśe / bṛhatkucaṃbhojavilolahāre bṛhatprabhāve lalite namaste

হে বিন্দুস্থিতা, বিন্দুকলাৰ একমাত্ৰ ৰূপে; বিন্দ্বাত্মিকা, বিস্তৃত চিৎ-প্ৰকাশে পৰিপূৰ্ণা! বৃহৎ কুচকমলত দোল খোৱা হাৰধাৰিণী, মহাপ্ৰভাৱশালিনী ললিতে, তোমাক নমস্কাৰ।

बिन्दु-स्थितेO one abiding in the bindu
बिन्दु-स्थिते:
Sambodhana (सम्बोधन)
TypeAdjective
Rootबिन्दु (प्रातिपदिक) + स्थित (कृदन्त; √स्था)
Formस्त्रीलिङ्ग, सम्बोधन, एकवचन; समासः—तत्पुरुषः: ‘बिन्दौ स्थितः/स्था’ (सप्तमी-तत्पुरुषभावः)
बिन्दु-कला-एक-रूपेO one whose single form is the bindu-kalā
बिन्दु-कला-एक-रूपे:
Sambodhana (सम्बोधन)
TypeNoun
Rootबिन्दु (प्रातिपदिक) + कला (प्रातिपदिक) + एक (प्रातिपदिक) + रूप (प्रातिपदिक)
Formसम्बोधन, एकवचन; स्त्रीलिङ्ग; समासः—तत्पुरुषः: ‘बिन्दोः कला’ (षष्ठी) तया ‘एकं रूपम्’ (कर्मधारय) यस्याः
बिन्दु-आत्मिकेO one whose essence is bindu
बिन्दु-आत्मिके:
Sambodhana (सम्बोधन)
TypeAdjective
Rootबिन्दु (प्रातिपदिक) + आत्मन् (प्रातिपदिक)
Formस्त्रीलिङ्ग, सम्बोधन, एकवचन; समासः—तत्पुरुषः: ‘बिन्दुः आत्मा यस्याः’ (षष्ठी-तत्पुरुषभावः)
बृंहित-चित्-प्रकाशेO radiance of expanded consciousness
बृंहित-चित्-प्रकाशे:
Sambodhana (सम्बोधन)
TypeNoun
Rootबृंहित (कृदन्त; √बृंह्) + चित् (प्रातिपदिक) + प्रकाश (प्रातिपदिक)
Formसम्बोधन, एकवचन; स्त्रीलिङ्ग; समासः—तत्पुरुषः/कर्मधारयभावः: ‘बृंहिता चित्’ (वर्धिता चेतना) तस्याः ‘प्रकाशः/प्रकाशा’
बृहत्-कुच-अम्बोज-विलोल-हारेO one with a swinging garland over lotus-like full breasts
बृहत्-कुच-अम्बोज-विलोल-हारे:
Sambodhana (सम्बोधन)
TypeNoun
Rootबृहत् (प्रातिपदिक) + कुच (प्रातिपदिक) + अम्बोज (प्रातिपदिक) + विलोल (प्रातिपदिक) + हार (प्रातिपदिक)
Formसम्बोधन, एकवचन; स्त्रीलिङ्ग; समासः—तत्पुरुषः: ‘बृहन्तः कुचाः’ (कर्मधारय) तेषां ‘अम्बोजम्’ (उपमा/कर्मधारय) तत्र ‘विलोलः हारः’ (कर्मधारय)
बृहत्-प्रभावेO of great majesty
बृहत्-प्रभावे:
Sambodhana (सम्बोधन)
TypeAdjective
Rootबृहत् (प्रातिपदिक) + प्रभाव (प्रातिपदिक)
Formस्त्रीलिङ्ग, सम्बोधन, एकवचन; कर्मधारयः: ‘बृहान् प्रभावः’ यस्याः
ललितेO Lalitā
ललिते:
Sambodhana (सम्बोधन)
TypeNoun
Rootललिता (प्रातिपदिक)
Formस्त्रीलिङ्ग, सम्बोधन, एकवचन
नमःsalutation
नमः:
Karta (कर्ता)
TypeNoun
Rootनमस् (प्रातिपदिक)
Formनपुंसकलिङ्ग, प्रथमा, एकवचन
तेto you
ते:
Sampradana (सम्प्रदान)
TypeNoun
Rootयुष्मद् (सर्वनाम-प्रातिपदिक)
Formचतुर्थी, एकवचन