स गच्छन् कानने तस्मिन् हेमजालपरिष्कृतम् । ददर्श तत् सर: श्रीमान् विश्वकर्मकृतं यथा,महायशस्वी श्रीमान् युधिष्ठिरने उस वनमें विचरण करते हुए उस सरोवरको देखा, जो सुनहरे रंगके कुसुमकेसरोंसे विभूषित था। जान पड़ता था; साक्षात् विश्वकर्माने ही उसका निर्माण किया है
وبينما كان يُدْهِشْثِيرَا المجيدُ المتلألئُ يسيرُ في تلك الغابة، أبصرَ بحيرةً بهيّةً كأنها مُزَيَّنةٌ بشَبَكَةٍ من ذهب؛ حتى ليُخيَّلُ أنها صُنِعَتْ صُنْعَةَ فيشفاكَرْمَن نفسه.
यक्ष उवाच