Previous Verse
Next Verse

Shloka 17

Ritual Acclamation at Hastināpura and Karṇa’s Vow Concerning Arjuna (राजकीय स्तुति-प्रसङ्गः कर्णप्रतिज्ञा च)

द्वेष्टारमन्ये क्लीबस्य पातयन्तीति नः श्रुतम्‌ इदं कृत॑ नः प्रत्यक्ष॑ं गन्धर्वैरतिमानुषम्‌,“हमने सुना है, जो लोग असमर्थ पुरुषोंसे द्वेष करते हैं, उन्हें दूसरे ही लोग नीचा दिखा देते हैं। गन्धरवोने आज अलौकिक पराक्रम करके हमारी इस सुनी हुई बातको प्रत्यक्ष कर दिखाया

لقد سمعنا أن من يبغض الرجل العاجز يُذلّه آخرون. واليوم جعل الغندرفا، ببأسٍ فوق بشري، ما سمعناه أمرًا مشهودًا أمام أعيننا.

वैशम्पायन उवाच