तीर्थयात्रा: सागरतीर्थ-शूर्पारक-प्रभासगमनम्
Pilgrimage to Sea Tīrthas, Śūrpāraka, and Prabhāsa
तत्रापि चाप्लुत्य महानुभाव: संतर्पयामास सका सुरांश्व । द्विजातिमुख्येषु धनं गोदावरीं सागरगामगच्छत्,महानुभाव युधिष्ठटिरने वहाँ भी स्नान करके देवताओं और पितरोंका तर्पण किया तथा श्रेष्ठ ब्राह्यणोंको धन दान करके सागरगामिनी गोदावरी नदीकी ओर प्रस्थान किया
وهناك أيضاً اغتسل ذلك العظيم الشأن، وأدّى طقس التَّرْپَنَة للآلهة وللأسلاف؛ ثم تصدّق بالمال على خيرة البراهمة، وانطلق قاصداً نهر غودافري الجاري إلى البحر.
वैशम्पायन उवाच